अशा ए रब्बानी की रस्म

जमाअत खड़ी रहे और पासबान आम अशा की चीज़ों पर से चादर हटा कर यह दावत पढ़े।

इसलिए तुम जो दिल-ओ-जान से अपने गुनाहों से सच्ची तौबा करते और अपने पड़ोसियों से प्यार और मोहब्बत रखते हो और आगे को ख़ुदा के हुक्मों की पैरवी करके और उसकी पाक़ राहों में चल के नई ज़िन्दगी बसर करने का इरादा रखते हो, ईमान के साथ पास आओ और अपनी तसल्ली के लिए इस पाक़ सैक्रामेंट को लो और आजिज़ि से घुटने टेक कर कादिर-ए-मुतलक़ के हुज़ूर फ़रोतनी से यह इक़रार करो।

तब पासबान घुटने टेके, और वह जो अशा लेने वाले हैं, दुआ में सिर झुका कर खड़े रहें, और सब मिलकर इक़रार को कहें।

ऐ क़ादिर-ए-मुतलक़ ख़ुदा, हमारे ख़ुदावन्द यीशु मसीह के बाप, सब चीज़ों के ख़ालिक और सब आदमियों के मुनसिफ़, हम अफ़सोस के साथ अपने गुनांगुन गुनाहों और बदियों का इक़रार करते हैं जो कि हम से बारहा तेरी इलाही बुज़ुर्गी के ख़िलाफ ख़्यालन, क़ॉलन और फ़ेलन ब-शिद्दत सादिर हुए हैं और यूं तेरे वाजिबी ग़जब और ग़ुस्से को अपने ऊपर भड़काया है, हम बा-दिल-ओ-जान तौबा करते और अपने इन बेजा कामों के वास्ते निहायत ग़मगीन और पशेमान हैं और उनकी याद से हमें बड़ा रंज व अफ़सोस होता है। ऐ कमाल रहीम बाप, हम पर रहम कर, हम पर रहम कर, जो कुछ हमसे हुआ, अपने बेटे, हमारे ख़ुदावन्द यीशु मसीह की ख़ातिर मुआफ़ कर और बख्श दे कि हम आइंदा को नई ज़िन्दगी पाके हमेशा तेरी बंदगी और खिदमत करें और तेरी मर्ज़ी पर चले, ताकि तेरे नाम को इज़्ज़त और जलाल हो, हमारे ख़ुदा यीशु की ख़ातिर से। आमीन।

तब पासबान यह दुआ पढ़े:

ऐ क़दिर-ए-मुतलक़ ख़ुदा, हमारे आसमानी बाप, तू ने अपनी बड़ी रहमत से यह वादा किया है कि वह सब जो दिली तौबा और सच्चे ईमान के साथ तेरी तरफ़ फिरे, गुनाहों की मुआफ़ी पायेंगे। हम पर रहम कर, हमारे सारे गुनाहों को मुआफ़ कर और उनसे हमें रिहाई दे, और सारी मसीही फ़ज़लियतो में हमें क़ायम-ओ-मज़बूत कर और हमेशा की ज़िन्दगी बख़्श, हमारे ख़ुदावन्द यीशु मसीह के वसीले से आमीन।

 

तब पासबान यह कहे:

सुनो की क़लाम हलीम और तायब के लिए क्या कहता है।

अगर कोई गुनाह करें तो बाप के पास हमारा एक मददगार मौजूद है यानी यीशु मसीह रास्तबाज़ और वही हमारे गुनाहों का कफ़्फ़ारा है और न सिर्फ़ हमारे गुनाहों का बल्कि तमाम दुनियां के गुनाहों का भी।                                                                               (1यूहन्ना 2:1-2)

यह बात सच और हर तरह से क़ुबूल करने के लायक़ है कि मसीह यीशु गुनहगारों को नजात देने के लिए दुनियां में आया।                                                                 (1 तिमुथियुस  1:15)

ख़ुदा ने दुनियां से ऐसी मोहब्बत रखी कि उसने अपना इकलौता बेटा बख़्श दिया ताकि जो कोई उस पर ईमान लाए हलाक ना हो बल्कि हमेशा की ज़िन्दगी पावे।                     (यूहन्ना 3:16)

ऐ मेहनत उठाने वालों और बोझ से दबे हुए लोगो, सब मेरे पास आओ, मैं तुम्हें आराम दूंगा।

(मत्ती 11:28)

तब पासबान और जमाअत कहे।

अपने दिलों को रुजू करो

हम ख़ुदावन्द की तरफ अपने दिलों को रुजू करते हैं।

हम ख़ुदावन्द की शुक्रगुज़ारी करें।

क्योंकि यह वाजिब और मुनासिब है।

तब पासबान हनोज़ घुटनों पर मेज़ की तरफ मुखातिब होकर कहे:

ऐ ख़ुदावन्द, मुकद्दस बाप, क़ादिर-ए-मुतलक़ और हमेशगी के ख़ुदा, यह बहुत लायक और मुनासिब बल्कि हमारा फर्ज़-ए-मनसबी है कि हम हर वक्त और हर जगह तेरा शुक्र करें

इसलिए हम फिरिश्तों और मुकर्रम फिरिश्तों और आसमान की बड़ी जमाअतो के साथ तेरे बुज़ुर्ग नाम की हम्द ओ सना करते और सदा तेरी सिताइश करके कहते हैं क़ुद्दूस, क़ुद्दूस, क़ुद्दूस ख़ुदावन्द रब्ब उल अफ़्फ़ाज आसमान ओ ज़मीन तेरे जलाल से मामूर है ऐ ख़ुदावन्द ताला तुझको सिताइश हो। आमीन।

 

तब पासबान मेज़ के पास घुटने टेक कर यह तक़दीस की दुआ पढ़े।

ऐ क़ादिर ए मुतलक़ ख़ुदा, हमारे आसमानी बाप, तू ने अपनी बड़ी कमाल रहमत से अपने इकलौते बेटे यीशु मसीह को मसलूब होने को दे दिया, और उस ने आप मसीह को हमारी ख़लासी के लिए अपने तई कफ़्फ़ारे में देकर तमाम दुनियां के गुनाहों के लिए एक पूरी क़ामिल और काफ़ी क़ुर्बानी गुज़रानी और उसने इस रस्म को मुक़र्रर करके अपनी पाक़ इंजील में यह हुक्म दिया कि हम उसकी बेशक़ीमत मौत की यादगारी में इस रस्म को, जब तक कि वह फिर ना आए, मानते रहे, हम फ़रोतनी से तेरी मिन्नत करते हैं कि हमारी सुन और बख्श दे कि हम अपने नजात दिहिन्दा ख़ुदावन्द यीशु मसीह के दुख़ और मौत की यादगारी में यह रोटी और मय खा पीकर उसके क़माल मुबारक बदन और लहू से फ़ायदा हासिल करें, कि जिस रात को पकड़वाया गया उसने रोटी ली (तब पासबान रोटी के बर्तन को अपने हाथ में लेवे) और शुक्र करके तोड़ी और अपने शागिर्दों को दे कर कहा: लो खाओ यह मेरा बदन है जो तुम्हारे लिए दिया जाता है, तुम मेरी यादगारी के लिए यही किया करो। और इसी तरह उसने खाने के बाद प्याला पी लिया (पासबान प्याले को अपने हाथ में लेवे) और शुक्र करके उनको दिया और कहा कि तुम सब इस से पियो कि यह नए अहद का मेरा लहू है जो तुम्हारे और बहुतों के गुनाहों की मुआफ़ी के लिए बहाया जाता है जब-जब तुम उसे पियो, मेरी यादगारी के लिए पिया करो।

तब पासबान ख़ुदावन्द की मेज़ के पास घुटने टेककर जमाअत के साथ यह दुआ पढ़े:-

 रहीम ख़ुदा, हम अपनी रास्तबाज़ी पर तकिया रखकर तेरे दस्तरख़्वान के पास नहीं आ सकते हैं पर तेरी बेशुमार और बड़ी रहमतों पर भरोसा रख कर आते हैं, क्योंकि हम इस लायक भी नहीं है कि जो चूर चार तेरे दस्तरख़्वान पर से गिरते हैं, उनको उठा ले। पर तू वह ख़ुदा है जो सदा रहमत फ़रमाता है। इसलिए, ऐ मेहरबान ख़ुदा, बख्श दे कि हम इस तौर से तेरे प्यारे बेटे यीशु मसीह के जिस्म को खाएं और उसके लहू के पीयें कि हमारे गुनाह आलूदा जान-ओ-जिस्म उसकी मौत के वसीले से पाक़ किए जाएं और उसके बेशक़ीमत लहू से साफ़ हों और कि हम उसमें हमेशा रहे और वह हम में आमीन।

पहले पासबान ख़ुद रोटी और मय लेकर अपने मददगार पासबान को देवे, और उसके बाद जमाअत को, जिस वक्त कि वह सब संजीदगी से घुटने टेक रहे हैं।

रोटी देने से पहले पासबान यह कहे:

यीशु ने कहा, “यह मेरा बदन है जो तुम्हारे लिए दिया जाता है” इसको लो और इस बात की यादगारी में कि मसीह तुम्हारी ख़ातिर मुआ, और ईमान और शुक्रगुज़ारी के साथ उसको अपनी रूहानी ख़ुराक बनाओ, और इसे खाओ।

(शरीक़ होने वाले रोटी को हाथ में लेकर रुके रहे और जब तक और जब कहा जाए कि से खाओ तब सब लोग एक साथ खायें)

प्याला देने से पहले पासबान ये कहे:

यीशु ने कहा, “यह नये अहद का मेरा लहू है जो तुम्हारे वास्ते बहाया गया है।” इसको शुक्रग़ुज़ारी के साथ लो। इस बात की यादगारी में कि मसीह तुम्हारी ख़ातिर मुआ, और इसे पियो।

शरीक़ होने वाले इसी तरह प्याला हाथ में लेकर रुके रहे और जब कहा जाए तो तब सब एक साथ पियें।

(जब सब आशा ले चुकें पासबान ख़ुदा की मेज पर बाकी मख़सूस शुदा चीज़ों को रखकर उनके ऊपर फिर साफ़ सफ़ेद चादर बिछा दे।)

पासबान घुटने टेककर साथ-साथ यह कहे:

ऐ ख़ुदावन्द, हमारे आसमानी बाप, हम तेरे आजिज़ बंदे अर्ज़ करते हैं कि तू रहीम होकर अपनी पिदराना शफ़क़त से हमारी इस शुक्र और तारीफ़ की क़ुर्बानी को क़ुबूल कर, और हम कमाल फ़रोतनी से तेरी मिन्नत करते हैं कि हमारे ख़ुदावन्द यीशु मसीह के सवाब और उसकी मौत और उसके लहू पर ईमान लाने के बाइस हम और यहां तेरी सारी कलीसिया अपने गुनाहों की मुआफ़ी और उसकी और सब नियामतों को पावें। और यहां ऐ ख़ुदावन्द हम अपने तई बदन और जान समेत तेरी नज़र गुज़रानते हैं ताकि तेरे लिए एक माक़ूल और मुक़द्दस ज़िदा क़ुर्बानी हो। और फ़रोतनी से तेरी मिन्नत करते हैं कि हम सब जो इस पाक़ सैक्रामेंट में शरीक है तेरे फ़ज़ल और तेरी आसमानी बरक़त से मामूर हो जायें।

और अगरचे हम अपने तरह-तरह के गुनाहों के सबब तेरे हुज़ूर कोई क़ुर्बानी गुज़रानने के लायक़ नहीं तो भी हम पर हम मिन्नत करते हैं कि तू हमारी लियाक़त का अंदाजा ना कर बल्कि हमारी ख़ताओं को मुआफ़ करके इस ख़िदमत को जो हम पर फ़र्ज़ है क़ुबूल कर, हमारे ख़ुदावन्द यीशु मसीह के वसीले से, जिसकी मार्फ़त और जिसके साथ रूह-उल-क़ुद्दूस की युगानगी में ऐ क़दिर-ए-मुतलक़ बाप, तमाम इज़्ज़त और ताज़ीम अबद-उल-आबाद तेरी होती रहे। आमीन।

(तब सब खड़े होकर यह तमजीद पढ़े)

सब आलम ए बाला पर ख़ुदा की तमजीद और जमीन पर सुलह और बनी आदम से रज़ामंदी हो। ऐ ख़ुदावन्द ख़ुदा, आसमानी बादशाह, ख़ुदा क़ादिर ए मुतलक़ बाप, हम तेरे बड़े जलाल के सबब तेरी हम्द करते हैं, तुझको मुबारक कहते, तेरी परस्तिश करते, तेरा जलाल ज़ाहिर करते और तेरा शुक्र करते हैं।  ऐ ख़ुदावन्द एकलौते बेटे यीशु मसीह,  ऐ ख़ुदावन्द ख़ुदा, ख़ुदा के बर्रे, बाप के बेटे, तू जो जहान के गुनाहों को उठा ले जाता है, हम पर रहम कर, तू जो जहान के गुनाहों को उठा ले जाता है, हम पर रहम कर, तू जो जहान के गुनाहों को उठा ले जाता है, हमारी दुआ क़ुबूल कर, तू जो ख़ुदा बाप के दाहिने हाथ बैठा है, हम पर रहम कर क्योंकि तू ही क़ुद्दूस है, तू ही ख़ुदावन्द है, ऐ मसीह तू ही रूह उल क़ुद्दूस के साथ ख़ुदा बाप के जलाल में आला है। आमीन।

तब पासबान कलमात ए बरक़ात से जमानत को रुखसत करें।

ख़ुदा का इतमीनान जो सारी समझ से बाहर है तुम्हारे दिलों और ख़्यालों को ख़ुदा की और उसके बेटे हमारे ख़ुदावन्द यीशु मसीह की पहचान और मुहब्बत में महफ़ूज रखे और क़ादिर ए मुतलक़ ख़ुदा बाप और बेटे और रूह उल क़ुद्दूस की बरक़त तुम्हारे दरमियान में हो और तुम्हारे साथ अबद तक रहे। आमीन।

Asha e rabbaanee ki rasm

Jamaat khadee rahe aur paasbaan aam asha ki cheezon par se chaadar hata kar yah daavat padhe.

Isliye tum jo dil-o-jaan se apane gunaahon se sachchee tauba karate aur apane padosiyon se pyaar aur mohabbat rakhate ho aur aage ko Khuda ke hukmon ki pairavee karake aur usaki paaq raahon mein chal ke naee zindagee basar karane ka iraada rakhate ho, eemaan ke saath paas aao aur apanee tasallee ke lie is paaq saikraament ko lo aur aajizi se ghutane tek kar kaadir-e-mutlaq ke huzoor farotanee se yah iqaraar karo.

Tab paasbaan ghutane teke, aur vah jo asha lene vaale hain, dua mein sir jhuka kar khade rahen, aur sab milakar iqaraar ko kahen.

Ai qaadir-e-mutlaq Khuda, humaare Khudaavand Yeshu masih ke baap, sab cheezon ke khaalik aur sab aadamiyon ke munasif, hum afasos ke saath apane gunaangun gunaahon aur badiyon ka iqaraar karate hain jo ki hum se baaraha teree ilaahee buzurgee ke khilaaph khyaalan, qaulan aur felan ba-shiddat saadir hue hain aur yoon tere vaajibee gajab aur gusse ko apane oopar bhadakaaya hai, hum ba-dil-o-jaan tauba karate aur apane in beja kaamon ke vaaste nihaayat gamageen aur pashemaan hain aur unaki yaad se humen bada ranj va afasos hota hai. ai kamaal raheem baap, hum par rahum kar, hum par rahum kar, jo kuchh humase hua, apane bete, humaare Khudaavand Yeshu masih ki khaatir muaaf kar aur bakhsh de ki hum aainda ko naee zindagee paake humesha teree bandagee aur khidamat karen aur teree marzee par chale, taaki tere naam ko izzat aur jalaal ho, humaare Khuda Yeshu ki khaatir se. aameen. tab paasbaan yah dua padhe: ai qadir-e-mutlaq Khuda, humaare aasamaanee baap, too ne apanee badee rahumat se yah vaada kiya hai ki vah sab jo dilee tauba aur sachche eemaan ke saath teree taraf phire, gunaahon ki muaafee paayenge. hum par rahum kar, humaare saare gunaahon ko muaaf kar aur unase humen rihaee de, aur saaree masihee fazaliyato mein humen qaayam-o-mazaboot kar aur humesha ki zindagee bakhsh, humaare Khudaavand Yeshu masih ke vaseele se Aameen.

Tab paasbaan yah kahe:

Suno ki qalaam haleem aur taayab ke lie kya kehta hai.

Agar koee gunaah karen to baap ke paas humaara ek madadagaar maujood hai yaanee Yeshu masih raastabaaz aur vahee humaare gunaahon ka kaffaara hai aur na sirf humaare gunaahon ka balki tamaam duniyaan ke gunaahon ka bhee.     (1Yoohanna 2:1-2)

Yeh baat sach aur har tarah se qubool karane ke laayaq hai ki masih Yeshu gunahagaaron ko najaat dene ke lie duniyaan mein aaya. (1 Timuthiyus 1:15)

Khuda ne duniyaan se aisee mohabbat rakhee ki usane apana ikalauta beta bakhsh diya taaki jo koee us par eemaan lae halaak na ho balki humesha ki zindagee paave. (Yoohanna 3:16)

Ai mehnat uthaane vaalon aur bojh se dabe hue logo, sab mere paas aao, main tumhen aaraam doonga. (Mattee 11:28)

Tab paasbaan aur jamaat kahe.

Apane dilon ko rujoo karo

Hum Khudaavand ki taraph apane dilon ko rujoo karate hain.

Hum Khudaavand ki shukraguzaaree karen.

Kyonki yah vaajib aur munaasib hai.

Tab paasbaan hanoz ghutanon par mez ki taraph mukhaatib hokar kahe:

Ai Khudaavand, mukaddas baap, qaadir-e-mutlaq aur humeshagee ke Khuda, yah bahut laayak aur munaasib balki humaara pharz-e-manasabee hai ki hum har vakt aur har jagah tera shukr Karen.

Isliye hum phirishton aur mukarram phirishton aur aasamaan ki badee jamaato ke saath tere buzurg naam ki humd o sana karate aur sada teree sitaish karake kahate hain quddoos, quddoos, quddoos Khudaavand rabb ul affaaj aasamaan o zameen tere jalaal se maamoor hai ai Khudaavand taala tujhako sitaish ho. Aameen.

Tab paasbaan mez ke paas ghutane tek kar yah taqadees ki dua padhe.

Ai qaadir e mutlaq Khuda, humaare aasamaanee baap, too ne apanee badee kamaal rahumat se apane ikalaute bete Yeshu masih ko masaloob hone ko de diya, aur us ne aap masih ko humaaree khalaasee ke lie apane taee kaffaare mein dekar tamaam duniyaan ke gunaahon ke lie ek pooree qaamil aur kaafee qurbaanee guzaraanee aur usane is rasm ko muqarrar karake apanee paaq injeel mein yah hukm diya ki hum usaki beshaqeemat maut ki yaadagaaree mein is rasm ko, jab tak ki vah phir na aae, maanate rahe, hum farotanee se teree minnat karate hain ki humaaree sun aur bakhsh de ki hum apane najaat dihinda Khudaavand Yeshu masih ke dukh aur maut ki yaadagaaree mein yah roti aur mai kha peekar usake qamaal mubaarak badan aur lahoo se faayada haasil karen, ki jis raat ko pakadvaaya gaya usane roti lee (tab paasbaan roti ke bartan ko apane haath mein leve) aur shukr karake todee aur apane shaagirdon ko de kar kaha: lo khao yah mera badan hai jo tumhaare lie diya jaata hai, tum meree yaadagaaree ke lie yahee kiya karo. aur isee tarah usane khaane ke baad pyaala pee liya (paasbaan pyaale ko apane haath mein leve) aur shukr karake unako diya aur kaha ki tum sab is se piyo ki yah nae ahad ka mera lahoo hai jo tumhaare aur bahuton ke gunaahon ki muaafee ke lie bahaaya jaata hai jab-jab tum use piyo, meree yaadagaaree ke lie piya karo.

Tab paasbaan Khudaavand ki mez ke paas ghutane tekkar jamaat ke saath yah dua padhe:-

Ai raheem Khuda, hum apanee raastabaazee par takiya rakhakar tere dastarakhvaan ke paas nahin aa sakate hain par teree beshumaar aur badee rahumaton par bharosa rakh kar aate hain, kyonki hum is laayak bhee nahin hai ki jo choor chaar tere dastarakhvaan par se girate hain, unako utha le. par too vah Khuda hai jo sada rahumat faramaata hai. isalie, ai meharabaan Khuda, bakhsh de ki hum is taur se tere pyaare bete Yeshu masih ke jism ko khaen aur usake lahoo ke peeyen ki humaare gunaah aalooda jaan-o-jism usaki maut ke vaseele se paaq kie jaen aur usake beshaqeemat lahoo se saaf hon aur ki hum usamen humesha rahe aur vah hum mein Aameen.

Pehle paasbaan khud roti aur mai lekar apane madadgaar paasbaan ko deve, aur usake baad jamaat ko, jis vakt ki vah sab sanjeedagee se ghutane tek rahe hain.

Roti dene se pahale paasbaan yah kahe:

Yeshu ne kaha, “yah mera badan hai jo tumhaare lie diya jaata hai” isako lo aur is baat ki yaadagaaree mein ki masih tumhaaree khaatir mua, aur eemaan aur shukraguzaaree ke saath usako apanee roohaanee khuraak banao, aur ise khao.

(shareeq hone vaale roti ko haath mein lekar ruke rahe aur jab tak aur jab kaha jae ki se khao tab sab log ek saath khaayen)

Pyaala dene se pahale paasbaan ye kahe:

Yeshu ne kaha, “yah naye ahad ka mera lahoo hai jo tumhaare vaaste bahaaya gaya hai.” isako shukraguzaaree ke saath lo. is baat ki yaadagaaree mein ki masih tumhaaree khaatir mua, aur ise piyo.

(shareeq hone vaale isee tarah pyaala haath mein lekar ruke rahe aur jab kaha jae to tab sab ek saath piyen.)

(jab sab asha le chuken paasbaan Khuda ki mej par baaki makhasoos shuda cheezon ko rakhakar unake oopar phir saaf safed chaadar bichha de.)

paasbaan ghutane tekakar saath-saath yah kahe:

Ai Khudaavand, humaare aasamaanee baap, hum tere aajiz bande arz karate hain ki too raheem hokar apanee pidaraana shafaqat se humaaree is shukr aur taareef ki qurbaanee ko qubool kar, aur hum kamaal farotanee se teree minnat karate hain ki humaare Khudaavand Yeshu masih ke savaab aur usaki maut aur usake lahoo par eemaan laane ke bais hum aur yahaan teree saaree kaleesiya apane gunaahon ki muaafee aur usaki aur sab niyaamaton ko paaven. aur yahaan ai Khudaavand hum apane taee badan aur jaan samet teree nazar guzaraanate hain taaki tere lie ek maaqool aur muqaddas zida qurbaanee ho. aur farotanee se teree minnat karate hain ki hum sab jo is paaq saikraament mein shareek hai tere fazal aur teree aasamaanee baraqat se maamoor ho jaayen.

Aur agarache hum apane tarah-tarah ke gunaahon ke sabab tere huzoor koee qurbaanee guzaraanane ke laayaq nahin to bhee hum par hum minnat karate hain ki too humaaree liyaaqat ka andaaja na kar balki humaaree khataon ko muaaf karake is khidamat ko jo hum par farz hai qubool kar, humaare Khudaavand Yeshu masih ke vaseele se, jisaki maarfat aur jisake saath rooh-ul-quddoos ki yugaanagee mein ai qadir-e-mutlaq baap, tamaam izzat aur taazeem abad-ul-aabaad teree hotee rahe. aameen.

(Tab sab khade hokar yah tamajeed padhe)

Sab- Aalam e baala par Khuda ki tamajeed aur jameen par sulah aur banee aadam se razaamandee ho. ai Khudaavand Khuda, aasamaanee baadashaah, Khuda qaadir e mutlaq baap, hum tere bade jalaal ke sabab teree humd karate hain, tujhako mubaarak kahate, teree parastish karate, tera jalaal zaahir karate aur tera shukr karate hain. ai Khudaavand ekalaute bete Yeshu masih, ai Khudaavand Khuda, Khuda ke barre, baap ke bete, too jo jahaan ke gunaahon ko utha le jaata hai, hum par rahum kar, too jo jahaan ke gunaahon ko utha le jaata hai, hum par rahum kar, too jo jahaan ke gunaahon ko utha le jaata hai, humaaree dua qubool kar, too jo Khuda baap ke daahine haath baitha hai, hum par rahum kar kyonki too hee quddoos hai, too hee Khudaavand hai, ai masih too hee rooh ul quddoos ke saath Khuda baap ke jalaal mein aala hai. Aameen.

Tab paasbaan kalamaat e baraqaat se jamaanat ko rukhasat karen.

Khuda ka itminaan jo saaree samajh se baahar hai tumhaare dilon aur khyaalon ko Khuda ki aur usake bete humaare Khudaavand Yeshu masih ki pehchaan aur muhabbat mein mahafooj rakhe aur qaadir e mutlaq Khuda baap aur bete aur rooh ul quddoos ki baraqat tumhaare daramiyaan mein ho aur tumhaare saath abad tak rahe. Aameen.

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